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शिशà¥à¤“ं के विकास में संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ à¤à¤µà¤‚ परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण की à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका है | माठका दूध नवजात शिशॠका पà¥à¤°à¤¥à¤® आहार है | शिशॠको जनà¥à¤® से छः महीने तक सिरà¥à¤« माठका दूध ही दिया जाता है | नवजात शिशॠके समà¥à¤šà¤¿à¤¤ विकास के लिठमाठका दूध ही सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® आहार है | आमतौर पर लगà¤à¤— छः माह के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥ धीरे-धीरे ही à¤à¤• नवजात शिशॠहलà¥à¤•ा तरल खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाने के लिठतैयार होता है | बचà¥à¤šà¥‹ की खाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम होती है जिससे वे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ नहीं खा पाते है, इसलिठये महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है की जो वो खाये उसमे सà¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• पोषकततà¥à¤µ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हो | पोषण और आहार वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• à¤à¤µà¤‚ विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (World Health Organisation) सहित कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की सलाह देते हैं जिसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤• नवजात को अधिकतम पोषण पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने के लिठजीवन के पहले छः महीनों में केवल सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ ही कराया जाना चाहिठ|
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या फारà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• :- विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जनà¥à¤® से छः माह तक शिशà¥à¤“ं को पानी à¤à¥€ दिया जाना पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धित है | उनका मानना है की माठके दूध में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी होता है जो शिशॠकी जरूरतों को पूरा कर सकता है | अतः केवल सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराया जाये | जब कोई माठकिसी कारण से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने में असमरà¥à¤¥ होती है तब शिशà¥à¤“ं को फारà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• दिया जा सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह शिशà¥à¤“ं को पचाने में सरल होता है | फारà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• माठके दूध जितना पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• नहीं होता है पर उसका शिशà¥à¤“ं के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर कोई बà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ नहीं पड़ता है |
6-9 माह :-छः माह के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥ ही शिशà¥à¤“ं को हलà¥à¤•ा तरल पदारà¥à¤¥ देना शà¥à¤°à¥‚ किया जाना चाहिठ| मसला हà¥à¤† केला या पपीता और उबले à¤à¤µà¤‚ मसले हà¥à¤ फल, जैसे à¤à¤ªà¥à¤ªà¤², पेअरà¥à¤¸ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ बचà¥à¤šà¥‹ को दिठजा सकते है | हमेशा पके हà¥à¤ फल जैसे पपीते और केले का उपयोग किया जाये, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये आसानी से मैश हो जायेंगे और शिशॠको खाना निगलने में à¤à¥€ आसानी होगी | और à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² या पेअरà¥à¤¸ जैसे ठोस तà¥à¤µà¤šà¤¾ वाले फलो के छिलको को निकालकर ,काटकर ,बीजो को निकालकर और हमेशा बॉईल करके मैश करना चाहिठ| इस माह के शिशॠके लिठपà¥à¤¯à¥‚री à¤à¤•दम तरल होना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠने हाल ही में पूरक आहार लेना शà¥à¤°à¥‚ किया है और उसे इसकी आदत नहीं है | वैसे ही सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे गाजर , मटर , टमाटर को अचà¥à¤›à¥‡ से धोकर, छिलको को निकालकर, बॉईल करके उसकी पà¥à¤¯à¥‚री बनाई जा सकती है | à¤à¤µà¤‚ दाल जैसे तà¥à¤…र ,मूंग को अचà¥à¤›à¥‡ से धोकर बॉईल करके उसका पानी बचà¥à¤šà¥‹ को दिया जा सकता है |
9-12 माह :-इस उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹ की रूचि खाने में बॠजाती है और कà¥à¤› हद तक दाà¤à¤¤ à¤à¥€ आ जाते है तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हम à¤à¤• दम तरल पदारà¥à¤¥ न देते हà¥à¤ उनके à¤à¥‹à¤œà¤¨ को थोड़ा गाà¥à¤¾ रख सकते है या फलो के à¤à¤• दम छोटे छोटे टà¥à¤•ड़े à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दे सकते है |हम बचà¥à¤šà¥‹ को दैनिक आहार से परिचित करवा रहे है तो यह जरà¥à¤°à¥€ है की मà¥à¤–à¥à¤¯ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ जो अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ उनके à¤à¥‹à¤œà¤¨ में शामिल कर सके | आप सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बॉईल करके और मैश करके उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दे सकते है जैसे आलू ,शकà¥à¤•रकनà¥à¤¦,पालक, मटर, गाजर इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ |
शिशॠका पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• आहार
शिशॠहेतॠपà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤à¤¿à¤• आहार तैयार करने के लिठघरेलॠमà¥à¤–à¥à¤¯ खादà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤¨ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाना चाहिà¤à¥¤ सूजी, गेंहूठका आटा, चावल, रागी, बाजरा आदि में थोड़ा सा पानी अथवा दूध का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करके दलिया बनाया जा सकता है। उपरोकà¥à¤¤ अनाज के दानो को à¤à¥‚नकर, पीसकर व पानी के साथ अचà¥à¤›à¥‡ से पका कर, चीनी तथा थोड़ी सी वसा के साथ तैयार किया जा सकता है; तथा बचà¥à¤šà¥‡ को छः माह की आयॠहो जाने पर खिलाना शà¥à¤°à¥‚ किया जा सकता है।
चीनी अथवा गà¥à¤¡à¤¼ तथा घी को मिलाना आवशà¥à¤¯à¤• है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह ऊरà¥à¤œà¤¾ शकà¥à¤¤à¤¿ को बढ़ाता है। पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤®à¥à¤ में दलिया पतला बनाया जा सकता है, परनà¥à¤¤à¥ जैसे-जैसे बचà¥à¤šà¤¾ बढ़ता जाता है, पतले दलिये की अपेकà¥à¤·à¤¾ इसे गाढ़ा किया जाना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह अधिक पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होता है। आधी चपाती के टà¥à¤•ड़ों को आधे पà¥à¤¯à¤¾à¤²à¥‡ दूध या उबले हà¥à¤ पानी में à¤à¤¿à¤—ोकर अचà¥à¤›à¥€ तरह मसल कर तथा चीनी à¤à¤µà¤‚ वसा मिलाने के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥ वह शिशॠको खिलाया जाना चाहिठ| à¤à¤¿à¤—ोयी हà¥à¤ˆ तथा मसली हà¥à¤ˆ चपाती को छलनी से छाने ताकि शिशॠहेतॠनरम अरà¥à¤§ ठोस आहार पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो सके I केला, पपीता, चीकू, आम आदि जैसे फलों को à¤à¥€ मसल कर दिया जा सकता है।
à¤à¤• वरà¥à¤· के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥ बचà¥à¤šà¥‡ के लिठआपको विशेष à¤à¥‹à¤œà¤¨ तैयार करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं है। आपके परिवार के बाकी लोग जो à¤à¥€ खाते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ वही खिलाया जा सकता है। आप केवल à¤à¥‹à¤œà¤¨ में जितना संà¤à¤µ हो उतना नमक ,शकà¥à¤•र à¤à¤µà¤‚ मिरà¥à¤šà¥€ का कम पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने की कोशिश करे | और धीरे धीरे सà¤à¥€ खाना खाने की आदत बचà¥à¤šà¥‹ में डाले |
यहाठपर कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ दिठगठहै, जो शिशà¥à¤“ं को नहीं दिया जाना :-
1) 1 वरà¥à¤· की आयॠसे पहले अपने बचà¥à¤šà¥‡ को शहद न दें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शहद में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकते हैं जो शिशà¥à¤“ं में अनेक रोगो का कारण बन सकते हैं।
2) 1 वरà¥à¤· की आयॠसे पहले गाय का दूध बचà¥à¤šà¥‹ को देने से बचें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‡ इसे पचा नहीं पाते है |
3) अपासà¥à¤šà¥à¤°à¥€à¤•ृत पेय पदारà¥à¤¥ और à¤à¥‹à¤œà¤¨ जैसे :- जà¥à¤¯à¥‚स ,दूध ,दही और चीज़ देने से शिशà¥à¤“ं में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है और डायरिया जैसी बीमारिया हो सकती है |
4) कà¥à¤› ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जो शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में अवरोध उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकते है जैसे :- ठोस कैंडी, पॉपकॉरà¥à¤¨ ,अंगूर इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ |
शिशॠआहार की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना
पूरक आहार को सावधानी-पूरà¥à¤µà¤• तैयार कर उनका à¤à¤£à¥à¤¡à¤¾à¤°à¤£ करना अतà¥à¤¯à¤‚त महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त साफ-सफाई शिशà¥à¤“ं के आहार में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। यदि सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ नहीं होती है, तो पूरक आहार बचà¥à¤šà¥‡ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलाकर उसे नà¥à¤•सान पहà¥à¤à¤šà¤¾ सकते है। अतः यह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि शिशà¥à¤“ं हेतॠतैयार सà¤à¥€ आहार इस तरह रखे जाà¤à¤‚ कि वे कीटाणà¥à¤“ं से मà¥à¤•à¥à¤¤ रहें।
शिशà¥à¤“ं हेतॠआहार को तैयार करते समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ कà¥à¤› बातें इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :-
1) आहार बनाने से पूरà¥à¤µ साबà¥à¤¨ व पानी से हाथ धोना चाहिà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गनà¥à¤¦à¥‡ हाथों में लगे कीटाणॠदिखाई नहीं देते और आहार में पहà¥à¤à¤š जाते हैं।
2) सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करे की पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में लाये जाने वाले बरà¥à¤¤à¤¨ सà¥à¤µà¤šà¥à¤› à¤à¤µà¤‚ धà¥à¤²à¥‡ हà¥à¤ हो |
3) à¤à¥‹à¤œà¤¨ को अचà¥à¤›à¥‡ से पकाया जाना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अधिकतम कीटाणॠà¤à¥‹à¤œà¤¨ को पकाने पर ही समापà¥à¤¤ होते है |
4) à¤à¥‹à¤œà¤¨ पकाने के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥ उसे कम से कम हाथ लगाà¤à¤‚ तथा धूल à¤à¤µà¤‚ मकà¥à¤–ियों से बचाने हेतॠढक कर रखें।
5) बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाने से पहले माठà¤à¤µà¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ दोनों को हाथ धोना चाहिà¤à¥¤
शिशॠआहार की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना
पूरक आहार को सावधानी-पूरà¥à¤µà¤• तैयार कर उनका à¤à¤£à¥à¤¡à¤¾à¤°à¤£ करना अतà¥à¤¯à¤‚त महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त साफ-सफाई शिशà¥à¤“ं के आहार में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। यदि सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ नहीं होती है, तो पूरक आहार बचà¥à¤šà¥‡ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलाकर उसे नà¥à¤•सान पहà¥à¤à¤šà¤¾ सकते है। अतः यह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि शिशà¥à¤“ं हेतॠतैयार सà¤à¥€ आहार इस तरह रखे जाà¤à¤‚ कि वे कीटाणà¥à¤“ं से मà¥à¤•à¥à¤¤ रहें।
शिशà¥à¤“ं हेतॠआहार को तैयार करते समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ कà¥à¤› बातें इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :-
1) आहार बनाने से पूरà¥à¤µ साबà¥à¤¨ व पानी से हाथ धोना चाहिà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गनà¥à¤¦à¥‡ हाथों में लगे कीटाणॠदिखाई नहीं देते और आहार में पहà¥à¤à¤š जाते हैं।
2) सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करे की पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में लाये जाने वाले बरà¥à¤¤à¤¨ सà¥à¤µà¤šà¥à¤› à¤à¤µà¤‚ धà¥à¤²à¥‡ हà¥à¤ हो |
3) à¤à¥‹à¤œà¤¨ को अचà¥à¤›à¥‡ से पकाया जाना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अधिकतम कीटाणॠà¤à¥‹à¤œà¤¨ को पकाने पर ही समापà¥à¤¤ होते है |
4) à¤à¥‹à¤œà¤¨ पकाने के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥ उसे कम से कम हाथ लगाà¤à¤‚ तथा धूल à¤à¤µà¤‚ मकà¥à¤–ियों से बचाने हेतॠढक कर रखें।
5) बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाने से पहले माठà¤à¤µà¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ दोनों को हाथ धोना चाहिà¤à¥¤
आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठपौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ की आदतों के विकास के लिठजीवन के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• वरà¥à¤· महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होते हैं। जब आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ की आदतों से परिचित कराते हैं, तो जीवन à¤à¤° यह आदतें उनके साथ रहने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। इससे उनके बड़े होने के साथ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के समय के विवाद और खाने को देखकर अरà¥à¤šà¤¿ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करना जैसी बातें नहीं होंगी। यह यातà¥à¤°à¤¾ पर जाने या बाहर जाकर खाने के दौरान à¤à¥€ आपके लिठराह आसान बना देगा। वे जंक फूड के आदि होते हैं या फलों व सलाद के, यह आपको इसी समय तय करना है। पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ के अलावा, आपको यह à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना है कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहें, खेलते–कूदते रहें और सूरज की रोशनी में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ समय बिताये । यह उनकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• शकà¥à¤¤à¤¿ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करता है जिससे आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास à¤à¥€ कम जाना पड़ेगा।
बचà¥à¤šà¥‡ को पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने के लिठकैसे पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करें ?
आपके बचà¥à¤šà¥‡ आपके नकà¥à¤¶à¥‡à¤•दम पर चलेंगे। इसलिà¤, अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ खाने की आदतों का पालन करवाने के लिà¤, आपको अपना उदाहरण पेश करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी। जैसे, यदि आप जंक फूड खाते हैं, तो आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤¸à¤¾ करने से रोक नहीं सकते हैं|
कà¥à¤› यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं :-
1) रंगीन पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ, कटलरी, संगीत, बेबी पारà¥à¤Ÿà¥€ आदि शà¥à¤°à¥‚ करके à¤à¥‹à¤œà¤¨ के समय को रोचक और सà¥à¤–द बनाà¤à¤‚।
2) आप कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° उनका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¤Ÿà¤•ाने के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आà¤à¤—न, बालकनी या गारà¥à¤¡à¤¨ में à¤à¥€ खाना खिला सकते है |
3) खिलाते समय जलà¥à¤¦à¥€ न करें। धैरà¥à¤¯ रखें और यदि आवशà¥à¤¯à¤• हो, तो परिवार के अनà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¥€ à¤à¤• साथ खिलाने के लिठसमय निकालें। यह उनके बीच के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ संबंधों को बढ़ावा देगा |
4) कà¤à¥€â€“कà¤à¥€, बचà¥à¤šà¥‡ खाने से इनकार करते हैं; उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाने के लिठमजबूर न करें और ना ही उन पर गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ करें। धैरà¥à¤¯ रखे और किसी अनà¥à¤¯ तरीके से à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाने की कोशिश करें |
5) à¤à¥‹à¤œà¤¨ का समय निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ करें ताकि बचà¥à¤šà¥‡ का शरीर चकà¥à¤° उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° तय हो जाठ। à¤à¥‹à¤œà¤¨ के समय के अलावा आहार न दें।
6) जैसे–जैसे बचà¥à¤šà¥‡ बढ़ते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¤¨à¥‡ और खाना पकाने में आपकी मदद करने के फैसलों में शामिल करें। यदि वे इसे सà¥à¤µà¤¯à¤‚ चà¥à¤¨à¤¤à¥‡ है और इसे तैयार करने में मदद करते हैं तो वे à¤à¥‹à¤œà¤¨ को अधिक पसंद करेंगे।
याद रखें कि बचà¥à¤šà¥‹ में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¥€ आदतों को बनाठरखना उनके आदरà¥à¤¶ वज़न के लकà¥à¤·à¥à¤¯ तक पहà¥à¤‚चने से अधिक महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। यदि आपके बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार का सेवन करते हैं, तो वे अंततः सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वज़न तक पहà¥à¤à¤š ही जाà¤à¤‚गे | जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाने या कम आहार सेवन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ नहीं आने दें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे आपके बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है। और ये à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखे की सà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ चाहे वो समान उमà¥à¤° के ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो उनका पोषण पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकती है | बचà¥à¤šà¥‹ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ न करें और उनकी आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को देख कर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥‹à¤œà¤¨ दे |
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